संदेश

विचार और यथार्थ ✍️

चित्र
मै समाज के विरुद्ध नही हूँ, और न ही किसी धर्म के खिलाफ हूँ।  मैं विरोधी हूँ बस उस विचारधारा का, जो कट्टरता मे डूबी हुई है।  मैं विरोधी हूँ उस पाखंड का, जिसने धर्म को व्यापार बना दिया है।  मैं विरोधी हूँ उस मानसिकता का जो आज भी लोगों को रूढ़िवादी जंजीरों में जकड़ रहा है। ✍️